बजट प्रभाग
बजट प्रभाग केन्द्र सरकार का रेल बजट से भिन्न बजट तथा साथ ही साथ अनुदानों की पूरक मांग और अतिरिक्त अनुदानों की मांग तैयार करने और उन्हें संसद में प्रस्तुत करने हेतु उत्तरदायी है। राष्ट्रपति शासन के अधीन आने वाले राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों की पूरक मांगों और अतिरिक्त अनुदान की मांगों की देख-रेख भी इस प्रभाग द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्त, यह प्रभाग लोक ऋण, केन्द्र सरकार के बाजार ऋण और केन्द्र सरकार द्वारा ऋण प्रदान करने के नियम और शर्तों का निर्धारण, प्रशासित ब्याज दरों का निर्धारण और केन्द्र सरकार की अर्थोपाय स्थिति पर निगरानी रखने संबंधी सभी मुद्दों की देख-रेख के लिए उत्तरदायी है। राष्ट्रीय बजट संगठन और लघु बचत योजनाओं, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कर्तव्य, शक्तियां और सेवा की शर्तों, लेखा प्रक्रिया और वर्गीकरण, राष्ट्रीय रक्षा निधि, रेलवे अभिसमय समिति और केन्द्रीय सड़क निधि संबंधी मामलों की देख-रेख भी इस प्रभाग द्वारा की जाती है।
2.राजकोष धर्मार्थ धर्मादा निधि संबंधी कार्य की देख-रेख भी बजट प्रभाग में की जाती है। धर्मार्थ धर्मादा अधिनियम, 1890 के अंतर्गत यह व्यवस्था है कि ऐसे मामलों में जहां संपत्ति धर्मार्थ प्रयोजनों हेतु धारित की जाती है अथवा इसके लिए न्यास में आवेदन किया जाना है तो केन्द्र सरकार यदि वह उचित समझे, किए गए आवेदन पर यह आदेश जारी कर सकती कि संपत्ति को राजकोष धर्मादा निधियों में ऐसी शर्तों पर विहित किया जाए जैसी कि सरकार और आवेदन करने वाले व्यक्ति (व्यक्तियों) के बीच सहमति बनी है। वर्तमान में यह अध्यादेश उप सचिव/निदेशक (बजट) के नियंत्रण में है।
3.बजट प्रभाग संयुक्त सचिव/अपर सचिव (बजट) की देख-रेख में कार्य करता है और इसके अंतर्गत निम्नलिखित अनुभाग/एकक आते हैं जिनके कार्यों का वर्णन यहां संक्षेप में किया गया है
- लेखा अनुभाग
- समन्वयन अनुभाग
- मांग अनुभाग
- एफआरबीएम प्रकोष्ठ
- राष्ट्रीय बचत- I
- राष्ट्रीय बचत- II
- लोक ऋण अनुभाग
- रिपोर्ट अनुभाग
- राज्य अनुभाग
- पूरक मांग अनुभाग
- अर्थोपाय अनुभागबजट प्रेस
- हिन्दी अनुभाग- I से IV




